सेना प्रमुख ने क्षेत्रीय खतरों के बीच रॉकेट मिसाइल बल की आवश्यकता पर जोर दिया.

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CNBC TV18•13-01-2026, 15:13
सेना प्रमुख ने क्षेत्रीय खतरों के बीच रॉकेट मिसाइल बल की आवश्यकता पर जोर दिया.
- •सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान और चीन से बढ़ते क्षेत्रीय खतरों के मद्देनजर भारत के लिए एक समर्पित रॉकेट मिसाइल बल की वकालत की.
- •पाकिस्तान और चीन ने पहले ही विशेष रॉकेट बल स्थापित कर लिए हैं, जिससे भारत के लिए भी ऐसा बल बनाना 'समय की आवश्यकता' बन गया है.
- •रॉकेट मिसाइल बल एक विशेष सैन्य इकाई है जो लंबी दूरी के रॉकेट और मिसाइलों को एक कमान के तहत जोड़ती है, जो आधुनिक युद्ध के प्रभाव के लिए महत्वपूर्ण है.
- •इस बल के लिए संभावित प्रणालियों में स्वदेशी पिनाका रॉकेट प्रणाली (450 किमी तक की रेंज), प्रलय बैलिस्टिक मिसाइल (150-500 किमी रेंज) और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (290-450 किमी रेंज) शामिल हैं.
- •सेना प्रमुख की यह टिप्पणी पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बीच आई है, जिसमें सीमा पार आतंकी शिविरों पर हमलों के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी सक्रिय है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत को क्षेत्रीय खतरों का मुकाबला करने और अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाने के लिए एक समर्पित रॉकेट मिसाइल बल की आवश्यकता है.
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