The BrahMos-II hypersonic missile will reach speeds above Mach 7 by 2028.
भारत
N
News1829-12-2025, 16:08

ब्रह्मोस-II: 8500 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से S-400 को भी मात देगा.

  • ब्रह्मोस मिसाइल अगले एक दशक तक "अत्यंत मुश्किल से रोकी जाने वाली" बनी रहेगी, जिससे S-400 जैसी उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों को चुनौती मिलेगी.
  • वर्तमान ब्रह्मोस Mach 2.8-3 की गति से उड़ती है, कम ऊंचाई और समुद्री-स्तर पर उड़ान भरती है, जिससे इसका पता लगाना कठिन हो जाता है.
  • भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित, इसकी सीमा 290 किमी से बढ़कर 450-900 किमी हो गई है और इसे विभिन्न प्लेटफार्मों से लॉन्च किया जा सकता है.
  • "ऑपरेशन सिंदूर" (मई 2025) में इसकी परिचालन सफलता और यूक्रेन में P-800 ओनिक्स का प्रदर्शन इसकी प्रभावशीलता को रेखांकित करता है.
  • ब्रह्मोस-II, एक हाइपरसोनिक संस्करण (Mach 7 से अधिक गति), 2028 के आसपास परीक्षण के लिए तैयार है, जो अवरोधन को और जटिल बना देगा.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ब्रह्मोस और इसका हाइपरसोनिक संस्करण ब्रह्मोस-II उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों पर महत्वपूर्ण बढ़त बनाए रखेंगे.

More like this

Loading more articles...