Wangchuk, a Ramon Magsaysay awardee and the prominent face of the movement demanding statehood and Sixth Schedule safeguards for Ladakh, was detained on September 26. File pic/PTI
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News1802-02-2026, 16:39

केंद्र ने SC में सोनम वांगचुक की NSA हिरासत का बचाव किया: 'जहर फैलाने की अनुमति नहीं'

  • केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत का बचाव किया, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरे का हवाला दिया गया।
  • सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि रणनीतिक रूप से संवेदनशील लद्दाख में वांगचुक द्वारा जनमत संग्रह और रेफरेंडम की मांग को अनुमति नहीं दी जा सकती, इसे 'जहर फैलाने' जैसा बताया।
  • केंद्र ने वांगचुक के उन बयानों पर सवाल उठाया जिनमें उन्होंने क्षेत्रों को अपनी संबद्धता तय करने की वकालत की थी और युवाओं को आत्मदाह के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।
  • भारतीय सेना की ताकत पर सवाल उठाने वाले वांगचुक के बयानों और लद्दाख की तुलना 'सीता मां' से करने वाले उनके रूपक पर आपत्ति जताई गई, जिसमें कहा गया कि उन्हें 'बाजार में बिक्री के लिए रखा गया'।
  • लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की स्थिति की मांग को लेकर लेह में सितंबर 2025 के विरोध प्रदर्शनों के बाद जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद वांगचुक ने लोकतांत्रिक आलोचना के अपने अधिकार का दावा किया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की NSA हिरासत का जोरदार बचाव किया, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया गया।

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