Delhi High Court. (File photo)
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News1830-01-2026, 20:43

दिल्ली HC ने DGCA से पायलटों के साप्ताहिक आराम नियम अनिश्चितकाल तक वापस लेने पर सवाल उठाया.

  • दिल्ली उच्च न्यायालय ने DGCA से पायलटों के साप्ताहिक आराम और छुट्टी के नए नियमों में 'अनिश्चितकालीन' छूट देने पर सवाल उठाया.
  • मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने DGCA से 'साप्ताहिक आराम के बदले कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी' नियम को तुरंत वापस लेने के फैसले के पीछे का तर्क समझाने को कहा.
  • यह मुद्दा 5 दिसंबर, 2025 को DGCA द्वारा फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) में दी गई छूट से उपजा है, जिसका उद्देश्य IndiGo को परिचालन संबंधी बाधाओं को कम करने के लिए अधिक पायलट तैनात करने की अनुमति देना था.
  • DGCA के वकील ने बताया कि यह निर्णय एयरलाइंस के प्रतिनिधित्व और ऑडिट के बाद लिया गया था, जिसमें स्पष्ट किया गया कि साप्ताहिक आराम अनिवार्य है जबकि छुट्टियां पायलटों और एयरलाइंस के बीच संविदात्मक हैं.
  • अदालत ने इस बात पर सवाल उठाया कि गैर-प्रतिस्थापन मानदंड को अनिश्चित काल के लिए क्यों वापस लिया गया, जबकि रात की ड्यूटी के मानदंडों में अस्थायी छूट 10 फरवरी तक सीमित थी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिल्ली HC ने DGCA से पायलटों के आराम नियमों को अनिश्चितकाल तक वापस लेने पर स्पष्टीकरण मांगा है.

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