
हाँ, और अधिक एयरलाइंस जल्द ही भारत-चीन रूट जोड़ने वाली हैं।
भारत-चीन संबंधों में एक संतुलित रीसेट के संकेत दिख रहे हैं, जिसमें जून 2026 में लिपुलेख दर्रे के माध्यम से व्यापार फिर से शुरू होगा और चीनी उपकरणों के आयात पर प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से कृषि, एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।