
ये रक्षा अधिग्रहण वायु रक्षा, संचार, तोपखाने और निगरानी क्षमताओं को बढ़ाकर भारत की सैन्य तैयारी को काफी हद तक मजबूत करेंगे।
भारत के स्वदेशी रक्षा अभियान का लक्ष्य विदेशी निर्भरता को कम करना, तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देना और आर्थिक विकास को गति देना है।
नई प्रणालियाँ "किफायती बड़े पैमाने" को अपना रही हैं और एआई, ड्रोन तथा हाई-स्पीड नेटवर्क को एकीकृत कर रही हैं। रूस इज़देलिये-30 जैसी सस्ती, जिनका अनुमान लगाना अधिक कठिन हो, ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है।