भारत-अमेरिका परमाणु समझौता: रणनीतिक छलांग या संप्रभुता पर समझौता? 2008 के समझौते की लंबी छाया.

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News18•11-02-2026, 16:03
भारत-अमेरिका परमाणु समझौता: रणनीतिक छलांग या संप्रभुता पर समझौता? 2008 के समझौते की लंबी छाया.
- •2008 का भारत-अमेरिका 123 समझौता भारत के दशकों के 'परमाणु अलगाव' को समाप्त करने और NPT का हस्ताक्षरकर्ता न होने के बावजूद वैश्विक परमाणु व्यापार में शामिल होने के लिए था.
- •आलोचकों का तर्क है कि इस समझौते में रियायतें शामिल थीं, खासकर अनिवार्य 'पृथक्करण योजना' जिसने भारत के परमाणु कार्यक्रम को नागरिक और सैन्य घटकों में विभाजित किया.
- •भारत ने अपने 22 बिजली रिएक्टरों में से 14 को, जिसमें भविष्य के रिएक्टर भी शामिल थे, IAEA के स्थायी निरीक्षण ('अनंत काल तक सुरक्षा उपाय') के तहत रखने की प्रतिबद्धता जताई.
- •'हाइड एक्ट' के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को भारत के अनुपालन पर कांग्रेस को वार्षिक रिपोर्ट देनी होती थी, जिससे घरेलू ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बाहरी निगरानी की चिंताएं बढ़ीं.
- •इस समझौते ने संवेदनशील संवर्धन और पुनर्संसाधन प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण पर रोक लगा दी और भारत के एकतरफा परमाणु परीक्षण स्थगन पर निर्भर था, जिससे रणनीतिक स्वायत्तता प्रभावित हुई.
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