भारत का पहला बिजली प्रोजेक्ट यहीं था, फिर भी हिमाचल का यह गांव अंधेरे में.

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News18•22-12-2025, 14:30
भारत का पहला बिजली प्रोजेक्ट यहीं था, फिर भी हिमाचल का यह गांव अंधेरे में.
- •हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले का तिलंग गांव 117 साल पहले भारत के पहले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (राजा भूरी सिंह द्वारा 1908 में स्थापित) के बावजूद बिजली से वंचित है.
- •निवासियों को मोबाइल चार्ज करने के लिए 2 घंटे पैदल चलना पड़ता है, बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है और अंधेरा होने के बाद दैनिक कार्य मुश्किल हो जाते हैं.
- •सड़क संपर्क की कमी के कारण पलायन हो रहा है और आपात स्थिति में मरीजों को 8-10 लोग उठाकर ले जाते हैं.
- •ग्रामीण शादियों और कार्यक्रमों के लिए महंगे जनरेटर का उपयोग करते हैं और बार-बार अपील के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला, जबकि एक विद्युतीकृत गांव 200-300 मीटर दूर है.
- •स्थानीय लोगों का मानना है कि बिजली और सड़कें तिलंग को पर्यटन केंद्र बना सकती हैं, लेकिन एक युवा निवासी ने कहा, "दुनिया मंगल पर जीवन खोज रही है, और हमारा गांव अभी भी रोशनी का इंतजार कर रहा है."
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तिलंग गांव का अंधेरा भारत की ऐतिहासिक बिजली विरासत के बावजूद विकास के अंतर को दर्शाता है.
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