According to ISRO, the Bharatiya Antariksh Station represents India’s vision of a permanent human presence in space. File image
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News1824-01-2026, 03:18

इसरो ने भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन पर काम शुरू किया, पहला मॉड्यूल 2028 तक लॉन्च होगा.

  • इसरो ने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के लिए प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है, जो निम्न पृथ्वी कक्षा में भारत का स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन होगा और ISS का मुकाबला करेगा.
  • विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) ने भारतीय कंपनियों को पहला मॉड्यूल, BAS-01 बनाने के लिए आमंत्रित किया है, जिसका लक्ष्य 2028 तक लॉन्च करना है.
  • BAS-01 मॉड्यूल, जिसका व्यास 3.8 मीटर और ऊंचाई 8 मीटर होगी, उच्च शक्ति वाले एल्यूमीनियम मिश्र धातु (AA-2219) से निर्मित होगा और इसे गगनयान सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा.
  • भारतीय कंपनियों को मॉड्यूल के दो पूर्ण सेट विकसित करने का काम सौंपा गया है, जिसके लिए अत्यधिक सटीकता, विशेष वेल्डिंग और कठोर परीक्षण की आवश्यकता होगी.
  • यह परियोजना अंतरिक्ष में भारत की लंबी अवधि की मानवीय उपस्थिति की ओर बदलाव का प्रतीक है, जिसमें 2035 तक पूर्ण स्टेशन चालू हो जाएगा, जिससे उन्नत अनुसंधान और गहरे अंतरिक्ष मिशन की तैयारी संभव होगी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इसरो ने भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण शुरू कर दिया है, जिसका पहला मॉड्यूल 2028 तक लॉन्च होगा.

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