
शीर्ष पाकिस्तानी गुर्गे हुरेरा की गिरफ्तारी से जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) नेटवर्क के प्रमुख तत्वों को खत्म करने की उम्मीद है।
आतंकवाद के वित्तपोषण नेटवर्क पर दीर्घकालिक प्रभावों में प्रतिबंधों के माध्यम से व्यवधान और विकसित होते परिचालन मॉडल शामिल हैं।
हालिया सफल अभियानों के बाद और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर के हत्या मामले में, 4 अप्रैल, 2026 को दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कुल संख्या नौ हो गई।