The roots of the case lay in a complaint filed months earlier by a tribal woman, Sushma Badaik, who had accused DIG Parvez Hayat of sexual exploitation. (Representational Image)
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News1821-01-2026, 16:23

झारखंड पुलिस कांड की याद दिलाता कर्नाटक डीजीपी विवाद: 2005 के मामले पर एक नज़र

  • 2005 का झारखंड पुलिस घोटाला आईजी पीएस नटराजन के एक स्टिंग ऑपरेशन में पकड़े जाने से जुड़ा था, जो मौजूदा कर्नाटक डीजीपी विवाद जैसा है.
  • नटराजन डीआईजी परवेज़ हयात के खिलाफ आदिवासी महिला सुषमा बड़ाईक द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों की जांच कर रहे थे, जिन्होंने बाद में नटराजन पर भी शोषण का आरोप लगाया.
  • स्टिंग वीडियो को चंडीगढ़ की सीएफएसएल ने प्रामाणिक बताया, जिसके बाद नटराजन को निलंबित कर दिया गया और एससी/एसटी अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया.
  • 2012 में बर्खास्तगी की सिफारिश के बावजूद, नटराजन को 2017 में सीबीआई अदालत ने निर्णायक सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया था.
  • सुषमा बड़ाईक को 2022 में गोली मारकर घायल कर दिया गया था, जिसमें लंबे समय से लंबित मामले और पिछली धमकियों से संबंध होने का संदेह था, हालांकि कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 2005 का झारखंड पुलिस घोटाला कानून प्रवर्तन के भीतर जवाबदेही और न्याय के प्रणालीगत मुद्दों को उजागर करता है.

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