Karnataka Governor Thaawarchand Gehlot. (Image: PTI)
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News1801-02-2026, 14:52

कर्नाटक हेट स्पीच बिल राष्ट्रपति के लिए आरक्षित: राज्यपाल ने 'अस्पष्टता' पर चिंता जताई

  • राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक हेट स्पीच और हेट क्राइम (रोकथाम) विधेयक, 2025 को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित कर दिया है, जिसमें संवैधानिक और प्रक्रियात्मक चिंताओं का हवाला दिया गया है.
  • चिंताओं में अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत 'अस्पष्टता, अतिव्यापकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संभावित प्रतिकूल प्रभाव' के साथ-साथ आनुपातिकता और प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों से संबंधित मुद्दे शामिल हैं.
  • राज्यपाल ने जोर दिया कि नफरत फैलाने वाले भाषण हानिकारक हैं, लेकिन मौलिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करना समाधान नहीं है, बल्कि स्वतंत्र भाषण, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देना चाहिए.
  • धारा 2(1) में 'हेट स्पीच' की व्यापक परिभाषा पर आपत्तियां उठाई गईं, जो सामान्य भाषण को भी अपराधी बना सकती है, और नागरिक समाज के साथ परामर्श की कमी पर भी सवाल उठाए गए.
  • चिकमंगलूर में एक हालिया घटना, जहां भाजपा नेता विकास पुत्तूर को अप्रयुक्त विधेयक का हवाला देते हुए पुलिस नोटिस जारी किया गया था, ने राजनीतिक हंगामा और विभागीय जांच को जन्म दिया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कर्नाटक का हेट स्पीच बिल राज्यपाल की चिंताओं के कारण राष्ट्रपति की समीक्षा के अधीन है.

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