NICE कॉरिडोर पर कर्नाटक HC सख्त: 25 साल में 'लगभग शून्य प्रगति' पर सवाल, छोड़ने का सुझाव

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News18•14-01-2026, 07:30
NICE कॉरिडोर पर कर्नाटक HC सख्त: 25 साल में 'लगभग शून्य प्रगति' पर सवाल, छोड़ने का सुझाव
- •कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (NICE) परियोजना की धीमी प्रगति पर कड़ी आपत्ति जताई, कहा कि दो दशकों में प्रस्तावित 111 किमी में से केवल 1 किमी ही पूरा हुआ है.
- •अदालत ने यह भी कहा कि 1995 से बेंगलुरु को भीड़भाड़ मुक्त करने के लिए नियोजित पांच सैटेलाइट टाउनशिप में से कोई भी साकार नहीं हुई है.
- •उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को परियोजना को छोड़ने पर विचार करने का सुझाव दिया, यह देखते हुए कि यह लगभग 30 वर्षों से केवल कागजों पर है और न्यायिक प्रणाली को बाधित कर रहा है.
- •पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने परियोजना का कड़ा विरोध किया था, आरोप लगाया था कि यह बुनियादी ढांचे के बजाय व्यावसायिक शोषण के लिए अत्यधिक भूमि अधिग्रहण का एक साधन बन गई है.
- •एक समानांतर छह-लेन बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे, जिसे कांग्रेस सरकार ने शुरू किया और भाजपा के तहत पूरा किया, मार्च 2023 में उद्घाटन किया गया, जबकि NICE परियोजना अभी भी अटकी हुई है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कर्नाटक HC ने NICE कॉरिडोर की 25 साल की धीमी प्रगति पर चिंता जताई और इसे बंद करने का सुझाव दिया.
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