
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सखाराम के अपनी पत्नी गीता की हत्या करने के शुरुआती प्रयासों का विवरण नहीं दिया गया है।
सकाराम ने अपनी पत्नी गीता की हत्या करने के लिए शंकर डांगी और दो साथियों, बाबू (जिसे राघव या अमरचंद गायरी के नाम से भी जाना जाता है) और दिनेश गायरी को 6.7 लाख रुपये में काम पर रखा।
गीता चौधरी की मौत की फिर से जांच उनके पिता के लगातार प्रयासों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के चलते शुरू हुई।