राष्ट्रपति मुर्मू ने मैकाले की 'साजिशों' की निंदा की, सोमनाथ की स्थायी भावना की सराहना की.

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CNBC TV18•28-01-2026, 17:11
राष्ट्रपति मुर्मू ने मैकाले की 'साजिशों' की निंदा की, सोमनाथ की स्थायी भावना की सराहना की.
- •राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया, जिसमें बजट सत्र की शुरुआत हुई और 'विकसित भारत' के लिए राष्ट्रीय आत्म-सम्मान और सांस्कृतिक गौरव पर जोर दिया गया.
- •उन्होंने औपनिवेशिक शासन के दौरान 'हीनता' की भावना पैदा करने के लिए मैकाले की नीतियों की आलोचना की, यह कहते हुए कि वर्तमान सरकार स्वतंत्रता के बाद पहली बार इसका मुकाबला कर रही है.
- •मुर्मू ने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिसमें भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की वापसी और ज्ञान भारतम मिशन के माध्यम से प्राचीन पांडुलिपियों का चल रहा डिजिटलीकरण शामिल है.
- •राष्ट्रपति ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ का उल्लेख किया, जो भारत की स्थायी आस्था का प्रतीक है, और समृद्ध आदिवासी विरासत को संरक्षित करने के लिए आदिवासी संग्रहालयों की स्थापना की.
- •उन्होंने 'विकसित भारत', 'आत्मनिर्भरता' और 'स्वदेशी' जैसे राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर संसद सदस्यों से एकजुट होने का आग्रह किया, जो संविधान की भावना को दर्शाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राष्ट्रपति मुर्मू ने 'विकसित भारत' के लिए सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय आत्म-सम्मान पर जोर दिया, औपनिवेशिक काल की 'हीनता' का मुकाबला किया.
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