Aravalli Hills./Image Wikimedia Commons
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CNBC TV1822-12-2025, 18:57

SC की अरावली परिभाषा पर बवाल: विशेषज्ञ बोले- खनन के रास्ते खुले, सुरक्षा हटी.

  • सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा स्वीकार की है, जिसके तहत 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भू-आकृतियों को ही अरावली माना जाएगा, और 500 मीटर के भीतर दो या अधिक ऐसी पहाड़ियों का समूह अरावली रेंज होगा.
  • वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे और वरुण चोपड़ा जैसे कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह नई परिभाषा खनन और वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए बड़े पैमाने पर रास्ते खोल सकती है, जिससे विशाल क्षेत्रों से पारिस्थितिक सुरक्षा हट जाएगी.
  • आलोचकों का कहना है कि यह परिभाषा पर्वत श्रृंखलाओं की प्रकृति को गलत समझती है और राजस्थान में अरावली के 90% तक हिस्से को असुरक्षित कर सकती है, जिससे भूजल और जलवायु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने चिंताओं को कम करते हुए कहा कि यह फैसला खनन में कोई ढील नहीं देता और नए खनन पट्टों पर अंतरिम रोक है, दिल्ली अरावली में खनन प्रतिबंधित है.
  • विशेषज्ञों का तर्क है कि सरकारी आश्वासनों को अदालत के समक्ष औपचारिक रूप से रखा जाना चाहिए, क्योंकि 100 मीटर की सीमा से मौजूदा संरक्षित क्षेत्रों का शोषण हो सकता है, न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: SC की नई अरावली परिभाषा से व्यापक पारिस्थितिक क्षति और खनन बढ़ने का डर.

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