सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू सहायकों के कल्याण के लिए निर्देश देने से इनकार किया

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CNBC TV18•29-01-2026, 14:19
सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू सहायकों के कल्याण के लिए निर्देश देने से इनकार किया
- •सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू कामगारों के लिए कानूनी ढांचा और न्यूनतम मजदूरी की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र और राज्यों को कानून में संशोधन करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया.
- •मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने घरेलू सहायकों की दुर्दशा को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि न्यायपालिका विधायी शक्तियों का अतिक्रमण नहीं कर सकती.
- •सीजेआई कांत ने ट्रेड यूनियनवाद की आलोचना करते हुए इसे औद्योगिक विकास में बाधा और पारंपरिक उद्योगों के बंद होने का कारण बताया.
- •अदालत ने याचिकाकर्ताओं, जिसमें पेन थोझिलालारगल संगम भी शामिल है, को हितधारकों के सामने इस मुद्दे को उजागर करना जारी रखने का सुझाव दिया.
- •सीजेआई ने चिंता व्यक्त की कि न्यूनतम मजदूरी लागू करने से घरों के लिए मुकदमेबाजी और अनपेक्षित नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू कामगारों के लिए कल्याणकारी कानूनों को अनिवार्य करने से इनकार किया, विधायी मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप पर जोर दिया.
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