सुप्रीम कोर्ट ने शर्मिला टैगोर की आवारा कुत्तों पर याचिका को 'वास्तविकता से परे' बताया.

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News18•09-01-2026, 14:07
सुप्रीम कोर्ट ने शर्मिला टैगोर की आवारा कुत्तों पर याचिका को 'वास्तविकता से परे' बताया.
- •सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की समस्या के लिए एक समान दृष्टिकोण के खिलाफ शर्मिला टैगोर के तर्कों को 'वास्तविकता से पूरी तरह से परे' बताया.
- •कोर्ट ने AIIMS में एक दोस्ताना कुत्ते जैसे उदाहरणों को खारिज कर दिया, कहा कि अस्पतालों में टिक्स वाले कुत्तों के 'विनाशकारी परिणाम' हो सकते हैं.
- •टैगोर के वकील ने 'आक्रामक' कुत्तों की पहचान के लिए एक विशेषज्ञ समिति और जॉर्जिया व आर्मेनिया का हवाला देते हुए कॉलर को रंग-कोडित करने का सुझाव दिया.
- •सुप्रीम कोर्ट ने भारत की जनसंख्या को देखते हुए ऐसे समाधानों की व्यावहारिकता पर सवाल उठाया और यथार्थवादी होने को कहा.
- •कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने सभी आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश नहीं दिया था, बल्कि पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियमों के अनुसार उपचार का निर्देश दिया था.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने शर्मिला टैगोर के आवारा कुत्तों के तर्कों को खारिज किया, यथार्थवाद पर जोर दिया.
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