जेंडरलेस ज्वेलरी: अब ट्रेंड नहीं, यह है नया बिजनेस मॉडल

सौंदर्य
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News18•27-01-2026, 10:04
जेंडरलेस ज्वेलरी: अब ट्रेंड नहीं, यह है नया बिजनेस मॉडल
- •ज्वेलरी उद्योग पारंपरिक लिंग-आधारित वर्गीकरण से हटकर जेंडरलेस डिज़ाइन की ओर बढ़ रहा है, जो उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं से प्रेरित है.
- •उपभोक्ता, विशेषकर Gen Z, ऐसी ज्वेलरी पसंद करते हैं जो अनुकूलनीय, पहनने में आसान हो और रोजमर्रा की जिंदगी में फिट हो, जो आत्मविश्वास और सहज शैली की ओर बदलाव को दर्शाता है.
- •जेंडर-न्यूट्रल पीस व्यावसायिक दीर्घायु, व्यापक अपील प्रदान करते हैं और व्यक्तिगत खरीद में वृद्धि के साथ संरेखित होते हैं, जिससे समावेशिता ब्रांडों के लिए दक्षता का एक चालक बन जाती है.
- •डिज़ाइनर जैसे Tiara Dhody लिंग के बजाय सार्वभौमिक प्रतीकों (तलवारें, सिक्के, दिल) पर ध्यान केंद्रित करते हैं, ऐसे पीस बनाते हैं जो पहनने योग्य, साझा करने योग्य और व्यावसायिक रूप से लचीले होते हैं.
- •कल्याण ज्वेलर्स जैसे मुख्यधारा के ब्रांड बहुमुखी यूनिसेक्स डिज़ाइनों जैसे चेन, कड़ा, स्टड और बोल्ड रिंग्स की मजबूत मांग देख रहे हैं, क्योंकि ग्राहक लेबल के बजाय जीवनशैली के साथ एकीकरण को प्राथमिकता देते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जेंडरलेस ज्वेलरी उद्योग को समावेशिता और दीर्घायु पर केंद्रित एक लचीले, भविष्योन्मुखी व्यवसाय मॉडल में बदल रही है.
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