होली के रंगों से मुंहासे और त्वचा संक्रमण? त्वचा विशेषज्ञ दे रहे हैं जवाब.
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होली के रंग और मुंहासे: त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं क्यों त्योहार का मज़ा त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता है.
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News18•03-03-2026, 14:17
होली के रंग और मुंहासे: त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं क्यों त्योहार का मज़ा त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता है.
•होली के रंग, खासकर सिंथेटिक डाई और भारी धातुएं, मुंहासे और त्वचा संक्रमण का कारण बन सकते हैं, खासकर तैलीय या मुंहासे वाली त्वचा वालों के लिए.
•रंग के कणों, पसीने, तेल और धूल से बंद रोमछिद्र मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया के लिए एक वातावरण बनाते हैं और सूजन वाले मुंहासे या फॉलिकुलिटिस का कारण बन सकते हैं.
•गीले रंग लंबे समय तक नमी, घर्षण और रसायनों के कारण अधिक जोखिम भरे होते हैं, जो बैक्टीरिया और फंगल वृद्धि, और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस को बढ़ावा देते हैं.
•होली के बाद ज़ोरदार स्क्रबिंग से सूक्ष्म खरोंचें आती हैं, जिससे त्वचा द्वितीयक संक्रमणों के प्रति संवेदनशील हो जाती है और संवेदनशील त्वचा के लिए जलन बढ़ जाती है.
•रोकथाम महत्वपूर्ण है: गाढ़ा मॉइस्चराइज़र/तेल लगाएं, नॉन-कॉमेडोजेनिक सनस्क्रीन का उपयोग करें, हेयरलाइन पर तेल लगाएं, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, हाइड्रेटेड रहें और खेलने के बाद धीरे से साफ करें.