शाहरुख खान का TED टॉक: डिजिटल युग में विचारों का विस्तार और निर्णय का घेरा.

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News18•11-02-2026, 13:21
शाहरुख खान का TED टॉक: डिजिटल युग में विचारों का विस्तार और निर्णय का घेरा.
- •शाहरुख खान का 2017 का TED टॉक का उद्धरण, "हमने विचारों और सपनों के विस्तार की उम्मीद की थी; हमने निर्णय के घेरे के लिए मोलभाव नहीं किया था," आज भी प्रासंगिक है.
- •इंटरनेट, जिसे कभी विचारों और सपनों के लिए असीमित स्थान माना जाता था, ने विरोधाभासी रूप से सार्वजनिक निर्णय की संस्कृति को जन्म दिया है.
- •SRK का उद्धरण बताता है कि कैसे जिन प्लेटफार्मों ने सीधे जुड़ाव का वादा किया था, वे अब एक ऐसा माहौल बनाते हैं जहाँ सूक्ष्मता खो जाती है और राय निर्णयों में बदल जाती है.
- •डिजिटल दुनिया सार्वजनिक जांच को बढ़ाती है, प्रसिद्धि को इंटरैक्टिव और निर्णय को सार्वजनिक और स्थायी बनाती है, एक ऐसी वास्तविकता जिसे शाहरुख खान अच्छी तरह समझते हैं.
- •यह उद्धरण प्रौद्योगिकी के वादे बनाम उसके उपयोग पर एक प्रतिबिंब है, जो निर्णय के बजाय रचनात्मकता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इरादे का आग्रह करता है.
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