A growing number of patients are reporting dry mouth, persistent bad breath, recurrent oral thrush, and an overall increase in breathing-related discomfort.
जीवनशैली
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News1814-12-2025, 09:37

प्रदूषण से मुंह से सांस लेना: ओरल थ्रश, सांस की बदबू का कारण.

  • दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के प्रदूषण से श्वसन स्वास्थ्य के साथ-साथ मौखिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है.
  • खराब वायु गुणवत्ता के कारण नाक के मार्ग में जलन होती है, जिससे लोग मुंह से सांस लेने लगते हैं.
  • मुंह से सांस लेने से लार का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे ओरल थ्रश (कैंडिडा) और सांसों की दुर्गंध बढ़ जाती है.
  • प्रदूषित हवा के कण मुंह में जमा होकर जलन और माइक्रोबियल असंतुलन पैदा करते हैं, जिससे यह एक दुष्चक्र बन जाता है.
  • बचाव के लिए खारे पानी से नाक धोना, पर्याप्त पानी पीना, जीभ साफ करना और खराब हवा में N95 मास्क पहनना शामिल है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: प्रदूषण से मुंह से सांस लेने पर मौखिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है.

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