भारत के बच्चों में कुपोषण संकट: 'ट्रिपल थ्रेट' से जूझ रहे उच्च जोखिम वाले जिले.

जीवनशैली
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News18•31-12-2025, 15:09
भारत के बच्चों में कुपोषण संकट: 'ट्रिपल थ्रेट' से जूझ रहे उच्च जोखिम वाले जिले.
- •NFHS-5 के अनुसार, भारत में पांच साल से कम उम्र के 32.1% बच्चे कम वजन के हैं, 100 से अधिक जिलों को गंभीर कुपोषण वाला बताया गया है.
- •उच्च जोखिम वाले जिलों में राष्ट्रीय औसत से 20-40% अधिक बच्चे कम वजन के हैं, जिसका कारण पुरानी पोषण संबंधी कमी, खराब मातृ स्वास्थ्य और संक्रमण हैं.
- •डॉ. विमल पाहुजा के अनुसार, यह चयापचय संबंधी प्रोग्रामिंग बच्चों को "थ्रिफ्टी फेनोटाइप" जैसे दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए प्रवृत्त करती है.
- •डॉ. राहुल वर्मा ने "ट्रिपल थ्रेट" की पहचान की है: मातृ एनीमिया से "विरासत में मिली भूख", खराब स्वच्छता से "लीकिंग गट", और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी वाले आहार से "छिपी हुई भूख".
- •इन जिलों के लिए लक्षित हस्तक्षेप महत्वपूर्ण हैं, जिसमें मातृ पोषण, फोर्टिफाइड भोजन, स्वच्छता और वृद्धि की जांच शामिल है ताकि एक पीढ़ी को बचाया जा सके.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के कुछ जिलों में बच्चों में गंभीर कुपोषण का संकट है, जो 'ट्रिपल थ्रेट' के कारण है और तत्काल लक्षित हस्तक्षेप की आवश्यकता है.
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