नमिता गोखले: साहित्य, भाषा और बहुलवादी आवाज़ों का अधिकार 'सपना देखने का अधिकार पहला अधिकार है'.

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News18•17-12-2025, 18:12
नमिता गोखले: साहित्य, भाषा और बहुलवादी आवाज़ों का अधिकार 'सपना देखने का अधिकार पहला अधिकार है'.
- •जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की सह-संस्थापक नमिता गोखले साहित्य में बहुलता और विविध आवाज़ों की वकालत करती हैं.
- •JLF का मुख्य दृष्टिकोण भारत की साहित्यिक संपदा को प्रदर्शित करना है, जिसमें बहुभाषावाद और अनुवाद के माध्यम से पहुंच को प्राथमिकता दी जाती है.
- •महासवेता देवी के दर्शन "सपना देखने का अधिकार पहला अधिकार है" को महोत्सव में रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा देकर साकार किया जाता है.
- •गोखले की अपनी साहित्यिक यात्रा विभिन्न शैलियों में फैली हुई है, जिसमें मौखिक परंपराओं और सामुदायिक कहानी कहने पर ध्यान केंद्रित किया गया है.
- •JLF सक्रिय रूप से नई आवाज़ों का पोषण करता है और प्रकाशन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करता है, "कई भाषाएं, एक साहित्य" को बढ़ावा देता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नमिता गोखले और JLF विविध साहित्यिक आवाज़ों, बहुभाषावाद और सपने देखने के मौलिक अधिकार की वकालत करते हैं.
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