राजपाल यादव का 'हम सब अकेले हैं' कबूलनामा: वित्तीय संकट में दोस्त क्यों छोड़ जाते हैं साथ.

रिश्ता
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News18•10-02-2026, 17:58
राजपाल यादव का 'हम सब अकेले हैं' कबूलनामा: वित्तीय संकट में दोस्त क्यों छोड़ जाते हैं साथ.
- •अभिनेता राजपाल यादव के भावनात्मक कबूलनामे "हम सब अकेले हैं" ने वित्तीय संकट के दौरान अनुभव की जाने वाली गहरी अकेलेपन को उजागर किया.
- •लेख बताता है कि कैसे वित्तीय संकट अक्सर दोस्ती के नुकसान का कारण बनता है, क्योंकि सफलता फीकी पड़ने पर दोस्त दूर हो जाते हैं.
- •दोस्तों के दूर होने के कारणों में शक्ति गतिशीलता में बदलाव, संकट में पड़े लोगों द्वारा महसूस की जाने वाली शर्म और गैर-भौतिक सहायता प्रदान करने के तरीके की समझ की कमी शामिल है.
- •नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. शेफाली बत्रा का कहना है कि वित्तीय तनाव विफलता की भावनाओं को ट्रिगर करता है, और दोस्त अक्सर इस बेचैनी को टालमटोल करके दर्शाते हैं.
- •यह लेख इस बात पर जोर देता है कि सच्ची दोस्ती सुविधा में नहीं, बल्कि भेद्यता के दौरान परखी जाती है, और दूसरों के वित्तीय संघर्षों के दौरान सहानुभूति और उपस्थिति का आग्रह करता है.
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