Rooted in ancient traditions and Christian belief, December 25 became the day to celebrate the birth of Jesus Christ.
जीवनशैली
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Firstpost18-12-2025, 13:21

क्रिसमस 25 दिसंबर को क्यों मनाते हैं? इतिहास, परंपराएं, महत्व जानें.

  • क्रिसमस यीशु मसीह के जन्म का उत्सव है, हालांकि बाइबिल में 25 दिसंबर की तारीख का उल्लेख नहीं है. "क्रिसमस" शब्द "क्राइस्ट्स मास" से आया है.
  • 25 दिसंबर को चौथी शताब्दी ईस्वी में चुना गया था, जो रोमन शीतकालीन त्योहारों जैसे सैटर्नलिया और डाइस सोलिस इनविक्टी के साथ मेल खाता था.
  • प्रतीकात्मक ईसाई मान्यताओं ने भी योगदान दिया: यीशु का गर्भाधान 25 मार्च को माना जाता था, जिससे उनका जन्म 25 दिसंबर को हुआ, जो "दुनिया के प्रकाश" का प्रतीक है.
  • सजावट से परे, क्रिसमस आशा, प्रेम, शांति और आनंद का प्रतीक है, जो ईश्वर के प्रेम, मोक्ष और करुणा की आध्यात्मिक यात्रा का प्रतिनिधित्व करता है.
  • परंपराओं में पेड़ सजाना, उपहारों का आदान-प्रदान, सांता क्लॉज़, मिडनाइट मास, कैरोल गाना और झांकियां शामिल हैं, जो विश्वास और लोककथाओं का मिश्रण हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: क्रिसमस के लिए 25 दिसंबर प्राचीन रोमन त्योहारों और यीशु के जन्म की ईसाई मान्यताओं का मिश्रण है.

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