युवाओं में मानसिक बीमारियों का संकट: 35 से कम उम्र के 60% पीड़ित, उपचार में भारी कमी.

जीवनशैली
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News18•29-01-2026, 21:17
युवाओं में मानसिक बीमारियों का संकट: 35 से कम उम्र के 60% पीड़ित, उपचार में भारी कमी.
- •भारत में 35 वर्ष से कम आयु के 60% लोग मानसिक विकारों से ग्रस्त हैं, जो युवाओं में एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट को दर्शाता है.
- •दबाव, प्रतिस्पर्धा, बेरोजगारी और सामाजिक अपेक्षाएं युवाओं में बढ़ते अवसाद और चिंता का कारण बन रही हैं.
- •18 वर्ष से अधिक आयु के 7.3% भारतीय युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं, लेकिन केवल 1% ही उपचार कराते हैं, जो उपचार में भारी अंतर को दर्शाता है.
- •NIMHANS और UNICEF के सर्वेक्षण अदृश्य संकट की चेतावनी देते हैं, जिसमें प्रतिस्पर्धा, परीक्षा का दबाव और डिजिटल जीवनशैली किशोरों को प्रभावित कर रही है.
- •राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण से पता चलता है कि उपचार का अंतर 60% से अधिक है, और अवसाद व चिंता जैसे सामान्य विकारों के लिए यह 80-85% तक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत में युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संकट बढ़ रहा है, जिसमें उच्च प्रसार और उपचार की तलाश करने वालों की संख्या बहुत कम है.
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