
महाराष्ट्र में स्वयंभू संत अशोक खरात से जुड़े CDR विवाद ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
एआई उपकरण कॉल रिकॉर्ड निकालने के लिए विश्वसनीय नहीं हैं, क्योंकि घोटालों में उनके दुरुपयोग की संभावना और गोपनीयता की कमी होती है।
अशोक खरात को गुरुवार, 2 अप्रैल, 2026 को एक और मामले में फिर से अदालत में पेश होना है। वह फिलहाल 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं।