
कोल इंडिया वित्त वर्ष 26 के अपने उत्पादन लक्ष्यों से चूक गया, जिसमें 1.7% की गिरावट दर्ज करते हुए यह 768.1 मिलियन टन रहा। वित्त वर्ष 26 में कंपनी का कोयला उठाव भी 2.4% घटकर 744.8 मिलियन टन हो गया।
नई वॉशरीज़ घरेलू कोयले की गुणवत्ता में सुधार करके भारत के कोयला आयात को कम करने में मदद करेंगी।
ब्रोकरेज फर्मों की कोल इंडिया के शेयर पर मिली-जुली राय है।