तेल प्रतिबंधों की बयानबाजी बनाम बाजार की हकीकत: कीमतें नरम, भारत को फायदा.

जिंस
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CNBC TV18•08-01-2026, 21:52
तेल प्रतिबंधों की बयानबाजी बनाम बाजार की हकीकत: कीमतें नरम, भारत को फायदा.
- •रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों की बयानबाजी के बावजूद, अधिशेष आपूर्ति और बढ़ती इन्वेंट्री के कारण वैश्विक तेल कीमतें नरम रहने की उम्मीद है.
- •एसएंडपी ग्लोबल प्लैट्स के रिक जोसविक और पूर्व डब्ल्यूटीओ राजदूत जयंत दासगुप्ता जैसे विश्लेषकों का मानना है कि बाजार के मूल सिद्धांत राजनीतिक शोर पर भारी पड़ेंगे.
- •पिछले साल वैश्विक कच्चे तेल की इन्वेंट्री में 400 मिलियन बैरल की वृद्धि हुई, मई तक 200 मिलियन और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे अधिशेष की स्थिति मजबूत होगी.
- •रूसी तेल खरीदारों पर 500% टैरिफ के अमेरिकी विधेयक को पूरी तरह से लागू होने की संभावना नहीं है, क्योंकि यह वैश्विक आपूर्ति और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाएगा.
- •वेनेजुएला से भारी कच्चे तेल की बढ़ी हुई आपूर्ति भारी तेल की कीमतों को और कम कर सकती है, जिससे भारतीय रिफाइनरियों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अधिशेष आपूर्ति के बाजार मूल सिद्धांत तेल की कीमतों को नरम रखेंगे, जिससे प्रतिबंधों की बयानबाजी के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों के मार्जिन में वृद्धि हो सकती है.
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