
हाँ, ड्रोन हमले रूसी तेल निर्यात को बाधित करना जारी रखे हुए हैं, जिससे महत्वपूर्ण क्षमता निष्क्रिय हो गई है।
मध्य पूर्व में, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित हमलों और धमकियों ने वैश्विक तेल कीमतों में महत्वपूर्ण अस्थिरता और तीव्र वृद्धि पैदा की है।
रूस 1 अप्रैल से गैसोलीन निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। रूस वीपीएन के उपयोग पर अंकुश लगाने के प्रयासों को भी तेज कर रहा है और चैटजीपीटी जैसे विदेशी एआई उपकरणों पर प्रतिबंध लगा सकता है।