ईयू व्यापार समझौता: भारतीय ऑटो पर असर कम, बैंक बेहतर निवेश का मौका, क्वांटम एडवाइजर्स

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CNBC TV18•27-01-2026, 14:19
ईयू व्यापार समझौता: भारतीय ऑटो पर असर कम, बैंक बेहतर निवेश का मौका, क्वांटम एडवाइजर्स
- •क्वांटम एडवाइजर्स के नीलेश शेट्टी का मानना है कि भारत-ईयू एफटीए को लेकर ऑटो शेयरों पर बाजार की प्रतिक्रिया अतिरंजित है.
- •भारतीय वाहन निर्माताओं के पास मूल्य निर्धारण, ईंधन दक्षता और बिक्री के बाद सेवा में मजबूत फायदे हैं, खासकर बड़े पैमाने और ग्रामीण क्षेत्रों में.
- •महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसे बड़े सूचीबद्ध खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण व्यवधान का सामना करने की संभावना नहीं है, हालांकि प्रीमियम कार निर्माताओं पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है.
- •शेट्टी बैंकों को आकर्षक मूल्यांकन और गैर-निष्पादित परिसंपत्ति चक्र में सुधार के कारण एक मजबूत निवेश मानते हैं, जो धैर्यवान निवेशकों के लिए ठोस रिटर्न प्रदान करते हैं.
- •वह यूरोप में आसान श्रम गतिशीलता और बाजार पहुंच के कारण आईटी सेवाओं में बेहतर दीर्घकालिक क्षमता भी देखते हैं, जबकि वस्त्रों पर सतर्क रहते हैं और धातुओं के लिए कार्बन कर के डर को कम आंकते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारतीय ऑटो ईयू एफटीए के प्रति लचीले हैं, जबकि बैंक और आईटी सेवाएं बेहतर निवेश के अवसर प्रदान करते हैं.
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