2025 में भारतीय बाजार हरे निशान पर, पर वैश्विक साथियों से पीछे रहे.

बाज़ार
C
CNBC TV18•31-12-2025, 19:31
2025 में भारतीय बाजार हरे निशान पर, पर वैश्विक साथियों से पीछे रहे.
- •भारतीय निफ्टी 2025 में 10.7% बढ़कर लगातार दसवें साल हरे निशान पर बंद हुआ, लेकिन वैश्विक और उभरते बाजारों से काफी पीछे रहा.
- •ईरान-इजरायल संघर्ष, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी व्यापार नीति की अनिश्चितता और FPI की $34 बिलियन की बिकवाली ने बाजार पर दबाव डाला.
- •वैश्विक सूचकांक जैसे नैस्डैक (+22%), MSCI EM (+30%) और चीन (+18%) ने मजबूत रिटर्न दिए; डॉलर-समायोजित निफ्टी का लाभ केवल 5.5% था.
- •कीमती धातुओं, विशेषकर चांदी (+160%), ने इक्विटी को पछाड़ दिया, जिससे 2025 "कीमती धातुओं का वर्ष" बन गया.
- •FPI बहिर्वाह के बावजूद घरेलू SIP प्रवाह ने स्थिरता प्रदान की; PSU बैंक, धातु और ऑटो स्टॉक ने अच्छा प्रदर्शन किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 2025 में भारतीय बाजारों ने लचीलापन दिखाया लेकिन वैश्विक स्तर पर पिछड़ गए; निवेशकों के लिए धैर्य महत्वपूर्ण था.
✦
More like this
Loading more articles...





