
आईटी शेयरों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं, जो बाजार में तेजी ला रहे हैं, लेकिन एआई से दीर्घकालिक जोखिम बने हुए हैं।
एआई से उम्मीद है कि यह आईटी क्षेत्र के बिजनेस मॉडल को नया आकार देगा, जिससे पारंपरिक भूमिकाओं में नौकरियों का विस्थापन हो सकता है, जबकि नए अवसर भी पैदा होंगे।
भारतीय रुपये में हालिया गिरावट कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण हुई।