जेपी मॉर्गन के मूकिम: भारत की आय स्थिर, पर वैश्विक बाजारों से पिछड़ सकता है

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CNBC TV18•20-01-2026, 12:33
जेपी मॉर्गन के मूकिम: भारत की आय स्थिर, पर वैश्विक बाजारों से पिछड़ सकता है
- •जेपी मॉर्गन के भारत इक्विटी रिसर्च प्रमुख संजय मूकिम के अनुसार, भारत में आय में गिरावट की गति धीमी हुई है और वित्त वर्ष 2026 के लिए बाजार की उम्मीदें स्थिर दिख रही हैं.
- •वित्त वर्ष 2027 के अनुमानों में अभी भी कटौती हो सकती है, जिसमें वर्तमान आम सहमति वृद्धि 16% से घटकर 12-13% के करीब आ सकती है.
- •भारत की डॉलर आय वृद्धि अगले साल मध्य से उच्च एकल अंक में हो सकती है, जो अन्य एशियाई बाजारों और अमेरिका से कम है, जिससे भारत वैश्विक बाजारों से पिछड़ सकता है.
- •जेपी मॉर्गन पूंजीगत वस्तुओं और बुनियादी ढांचे के बजाय उपभोक्ता विवेकाधीन शेयरों को प्राथमिकता देता है, क्योंकि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में सीमित वृद्धि और उपभोक्ता मांग में सुधार है.
- •ब्लॉक डील, प्रमोटर बिक्री और लिस्टिंग से इक्विटी आपूर्ति 2026 में उच्च रहने की संभावना है, जो निकट अवधि में बाजार की तेजी को सीमित कर सकती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जेपी मॉर्गन के मूकिम का मानना है कि भारतीय आय स्थिर है, लेकिन निकट अवधि में यह वैश्विक बाजारों से पिछड़ सकता है.
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