पगार, बचत, खर्च के लिए अलग-अलग अकाउंट्स? एक्सपर्ट्स की सलाह से पाएं फाइनेंशियल फ्रीडम.
पगार, बचत, खर्च के लिए अलग-अलग अकाउंट्स? एक्सपर्ट्स की सलाह से पाएं फाइनेंशियल फ्रीडम.
- •वित्तीय विशेषज्ञ वेतन, बचत और खर्चों के लिए कम से कम तीन अलग-अलग बैंक खाते रखने की सलाह देते हैं.
- •पहला 'प्राइमरी सैलरी अकाउंट' वेतन प्राप्त करने और प्रमुख निवेश (FD, RD, SIP) के लिए उपयोग करें.
- •दूसरा 'एक्सपेंस अकाउंट' घर के किराए, बिल और मासिक खर्चों के लिए रखें, सभी UPI भुगतान इससे लिंक करें.
- •तीसरा 'सेविंग्स और इमरजेंसी अकाउंट' आपातकालीन फंड और बड़े सपनों के लिए रखें, इसका डेबिट कार्ड साथ न रखें.
- •यह तरीका बजट नियंत्रण, बचत अनुशासन बढ़ाता है, धोखाधड़ी का जोखिम कम करता है और तकनीकी खराबी में बैकअप देता है.