अमृता सुभाष ने 'जारण' में लोककथा-आधारित हॉरर, मानसिक बीमारी और अपनी अभिनय प्रक्रिया पर की बात.

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News18•08-01-2026, 18:17
अमृता सुभाष ने 'जारण' में लोककथा-आधारित हॉरर, मानसिक बीमारी और अपनी अभिनय प्रक्रिया पर की बात.
- •अमृता सुभाष ने Zee5 की 'जारण' में राधा के अपने किरदार पर चर्चा की, जो काला जादू और मानसिक बीमारी के बीच की अस्पष्टता को दर्शाता है.
- •उन्होंने सूक्ष्म, स्वाभाविक भय को चित्रित करने के लिए मनोविज्ञान पर शोध करके और वास्तविक रोगियों का अवलोकन करके "अंदर से बाहर" का दृष्टिकोण अपनाया.
- •सुभाष ने मानसिक स्वास्थ्य के इर्द-गिर्द सामाजिक कलंक का सामना करने में लोककथा-आधारित हॉरर की शक्ति पर प्रकाश डाला, दर्शकों के संदेशों का हवाला दिया.
- •वह थिएटर को अपना "भावनात्मक घर" मानती हैं और थिएटर प्रस्तुतियों का समर्थन करने के लिए OTT/फिल्मों को वित्तीय स्थिरता देने का श्रेय देती हैं.
- •अमृता ने कलात्मक अखंडता की रक्षा के लिए "ना कहने" पर जोर दिया और मानती हैं कि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हमेशा आगे है, साथ ही निर्देशन और लेखन की भी खोज कर रही हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अमृता सुभाष ने 'जारण' की जटिल भूमिका में अपनी गहरी अंतर्दृष्टि साझा की, जिसमें लोककथा, मानसिक स्वास्थ्य और कलात्मक अखंडता का मिश्रण है.
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