जावेद अख्तर ने एआर रहमान को दिया जवाब: "हिंदी फिल्म उद्योग में कभी सांप्रदायिकता महसूस नहीं हुई"

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News18•19-01-2026, 13:02
जावेद अख्तर ने एआर रहमान को दिया जवाब: "हिंदी फिल्म उद्योग में कभी सांप्रदायिकता महसूस नहीं हुई"
- •जावेद अख्तर ने एआर रहमान के हिंदी फिल्म उद्योग में बढ़ती सांप्रदायिकता के दावे का खंडन किया, कहा कि उन्होंने कभी ऐसा महसूस नहीं किया.
- •अख्तर ने नास्तिक होने के बावजूद हिंदू देवी-देवताओं के लिए भक्ति गीत लिखने की अपनी क्षमता पर प्रकाश डाला, और 'गंगा-जमुनी तहज़ीब' वाले माहौल में अपने पालन-पोषण का हवाला दिया.
- •उन्होंने "ओ पालनहारे" और "पल पल है भारी" जैसे गीत लिखने का उल्लेख किया, इस बात पर जोर दिया कि रामलीला और कृष्ण लीला उनके बचपन का हिस्सा थे.
- •अख्तर ने अपने बचपन में देखी गई सामंजस्यपूर्ण संस्कृति के गायब होने पर चिंता व्यक्त की, जहाँ बसंत पंचमी जैसे त्योहार सभी द्वारा मनाए जाते थे.
- •एआर रहमान ने पहले 'चाइनीज व्हिस्पर्स' और गैर-रचनात्मक लोगों के पास शक्ति होने की बात कही थी, जो उद्योग में सांप्रदायिक रंग का संकेत दे रहा था.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जावेद अख्तर ने एआर रहमान के सांप्रदायिकता के दावों का खंडन किया, अपने धर्मनिरपेक्ष पालन-पोषण और उद्योग के सम्मान पर जोर दिया.
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