रकुल प्रीत सिंह ने बॉलीवुड की 'पेड पीआर संस्कृति' को बताया 'अनावश्यक और नकारात्मक'

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News18•03-02-2026, 08:43
रकुल प्रीत सिंह ने बॉलीवुड की 'पेड पीआर संस्कृति' को बताया 'अनावश्यक और नकारात्मक'
- •रकुल प्रीत सिंह ने बॉलीवुड की पेड पीआर संस्कृति की आलोचना की, इसे अनावश्यक और बेहद नकारात्मक बताया, और जोर दिया कि ईमानदार काम खुद बोलता है.
- •उन्होंने आक्रामक प्रचार रणनीति और वास्तविक काम के बजाय मनगढ़ंत कहानियों के माध्यम से प्रासंगिक बने रहने के विचार पर अपनी असहजता व्यक्त की.
- •रकुल ने उन पीआर प्रथाओं की नैतिकता पर सवाल उठाया जिनमें 'दूसरों को नीचा दिखाना' शामिल है, अच्छे कर्म और ईमानदार प्रयासों के पुरस्कारों में अपने विश्वास पर प्रकाश डाला.
- •अभिनेत्री ने पापराज़ी के लिए हमेशा कैमरे के लिए तैयार रहने के दबाव पर भी बात की, अपनी माँ की उनके कैज़ुअल पहनावे पर की गई टिप्पणियों के बारे में एक व्यक्तिगत किस्सा साझा किया.
- •रकुल की कई आगामी परियोजनाएँ हैं, जिनमें "पति पत्नी और वो दो", "इंडियन 3" और नितेश तिवारी की "रामायण" शामिल हैं, जहाँ वह शूर्पणखा की भूमिका निभा रही हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रकुल प्रीत सिंह बॉलीवुड में आक्रामक पेड पीआर पर प्रामाणिकता की वकालत करती हैं, ईमानदार काम के मूल्य पर जोर देती हैं.
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