सौरभ शुक्ला ने बताया कैसे 'जब खुली किताब' नाटक से फिल्म बनी: 'इससे मुझे समझने में मदद मिली...' | विशेष
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सौरभ शुक्ला ने बताया 'जब खुली किताब' का सफर: फिल्म से नाटक और फिर फिल्म तक.
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News18•13-03-2026, 16:35
सौरभ शुक्ला ने बताया 'जब खुली किताब' का सफर: फिल्म से नाटक और फिर फिल्म तक.
•लेखक-निर्देशक सौरभ शुक्ला ने खुलासा किया कि उनकी फिल्म 'जब खुली किताब' का विचार पहले एक फिल्म के रूप में आया, फिर एक नाटक बना और अंततः एक फीचर फिल्म के रूप में अपनी मूल पहचान पर लौटा.
•फिल्म में पंकज कपूर, डिंपल कपाड़िया और अपारशक्ति खुराना हैं, जो लंबे वैवाहिक संबंधों में विश्वास, भेद्यता और बदलते समीकरणों के विषयों को दर्शाती है.
•शुक्ला ने बताया कि आद्यम के लिए कहानी को एक नाटक के रूप में विकसित करने से उन्हें पात्रों की भावनात्मक यात्राओं को गहराई से समझने में मदद मिली.
•नाटक ने उन्हें गोपालजी और अनुसूया के रिश्ते की यात्रा को समझने में सहायता की, जिससे कहानी का फिल्म में लौटना पूर्ण महसूस हुआ.
•'जब खुली किताब' को इसके चरित्र-आधारित कहानी कहने और अंतरंग वर्णन के लिए सराहा गया है, जो वर्तमान में ZEE5 पर स्ट्रीम हो रही है.