स्मिता पाटिल का बेबाक सवाल: "हीरो को नंगा नहीं दिखा सकते, तो महिला को क्यों?"

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News18•05-01-2026, 10:08
स्मिता पाटिल का बेबाक सवाल: "हीरो को नंगा नहीं दिखा सकते, तो महिला को क्यों?"
- •स्मिता पाटिल ने दशकों पहले बॉलीवुड में महिलाओं के वस्तुकरण और यौन-शोषण वाली छवियों के उपयोग पर सवाल उठाए थे.
- •उन्होंने दोहरे मापदंड की आलोचना की: हीरो को नग्न नहीं दिखाया जाता, लेकिन दर्शकों को आकर्षित करने के लिए महिलाओं का शोषण किया जाता है.
- •पाटिल का तर्क था कि फिल्म की सफलता "अर्धनग्न शरीर" से नहीं, बल्कि सच्ची कहानी कहने से तय होनी चाहिए.
- •उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं, जो सिनेमा में महिलाओं के चित्रण से जुड़े मुद्दों को उजागर करते हैं.
- •समांतर सिनेमा की अग्रणी, उन्होंने भूमिका और मिर्च मसाला जैसी फिल्मों में मजबूत, जटिल महिलाओं के किरदार चुने, और 31 साल की उम्र में दुखद निधन हो गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: स्मिता पाटिल की बॉलीवुड में महिलाओं के वस्तुकरण पर बेबाक आलोचना आज भी प्रासंगिक है.
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