अमर उपाध्याय: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का लीप 'सबसे चुनौतीपूर्ण'.

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News18•17-12-2025, 17:00
अमर उपाध्याय: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का लीप 'सबसे चुनौतीपूर्ण'.
- •अमर उपाध्याय ने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में आने वाले नाटकीय लीप पर बात की है.
- •उन्होंने इस लीप को अपने किरदार मिहिर वीरानी के लिए 'सबसे चुनौतीपूर्ण' बताया है.
- •मिहिर एक बार फिर तुलसी के प्यार और विश्वास को धोखा देता है, जिससे उसे गहरा दर्द होता है.
- •लीप के बाद खाली शांतिनिकेतन में मिहिर की वापसी उनके लिए दिल दहला देने वाली थी.
- •कहानी मिहिर के आंतरिक संघर्ष और अपराधबोध को दर्शाती है, जो भावनात्मक गहराई जोड़ता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अमर उपाध्याय को 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के लीप में मिहिर का विश्वासघात और अपराधबोध चुनौतीपूर्ण लगा.
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