मुंबई महापौर विवाद: मराठी बनाम अमराठी पहचान ने चुनाव की लड़ाई तेज की.

मुंबई
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News18•06-01-2026, 21:14
मुंबई महापौर विवाद: मराठी बनाम अमराठी पहचान ने चुनाव की लड़ाई तेज की.
- •आगामी मुंबई नगर निगम चुनावों के लिए महापौर पद की दौड़ में मराठी बनाम अमराठी पहचान को लेकर गरमागरम बहस छिड़ गई है.
- •मराठी महापौर के पक्ष में जनभावना के बावजूद, मुंबई के इतिहास में दो अमराठी महापौर रहे हैं: आर.आर. सिंह (1993-94) और मुरली देवड़ा (1977-78), दोनों हिंदी भाषी थे.
- •शिवसेना, मनसे और अन्य क्षेत्रीय दल मुंबई की मराठी भाषाई और सांस्कृतिक पहचान पर जोर देते हुए मराठी महापौर की वकालत कर रहे हैं.
- •पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह के उत्तर भारतीय महापौर संबंधी बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया, जिससे शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और मनसे की कड़ी प्रतिक्रिया हुई.
- •भाजपा और शिवसेना के शिंदे गुट ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मुंबई का अगला महापौर एक मराठी व्यक्ति होगा, स्थानीय भावना को स्वीकार करते हुए.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुंबई महापौर विवाद आगामी चुनावों से पहले एक गहरी राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान के संघर्ष को उजागर करता है.
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