दुधारू पशु, मुर्गी पालन, मछली पालन: यह हरा पौधा सबके लिए अमृत, पोषण का खजाना, गड्ढे में होता उत्पादन
अजोला: दुधारू पशु, पोल्ट्री, मछली पालन के लिए अमृत, पोषण का खजाना
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News18•01-04-2026, 10:59
अजोला: दुधारू पशु, पोल्ट्री, मछली पालन के लिए अमृत, पोषण का खजाना
•अजोला एक जलीय पौधा है जो पशुपालन और खेती दोनों में उपयोगी है, इसमें प्रोटीन, नाइट्रोजन, अमीनो एसिड, विटामिन A, C, B12 जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं.
•इसकी खेती के लिए 2x2 मीटर का गड्ढा खोदकर प्लास्टिक शीट बिछाएं, उस पर 10-15 किलोग्राम मिट्टी डालें और छायादार जगह चुनें.
•अजोला के विकास के लिए सुपरफॉस्फेट और 4-5 दिन पुराने गोबर के घोल का उपयोग करें, गड्ढे को 10 सेमी पानी से भरें और अजोला कल्चर डालें.
•यह वायुमंडलीय नाइट्रोजन को पत्तियों में जमा करता है, इसलिए इसे हरी खाद के रूप में भी उपयोग किया जाता है, खासकर धान की फसलों में.
•दुधारू पशुओं को खिलाने से दूध उत्पादन 20% तक बढ़ता है, मुर्गियों का वजन और अंडे का उत्पादन बढ़ता है, और मछली के चारे के रूप में भी उपयोग होता है.
अज़ोला मादा पशुओं में दूध उत्पादन को 20% तक बढ़ा सकता है।
अज़ोला मुख्य रूप से धान की फसलों के लिए हरी खाद के रूप में उपयोगी है।
अजोला की खेती के लिए लगभग 12 फीट लंबे, 5 फीट चौड़े और 2.5 फीट गहरे गड्ढे की आवश्यकता होती है। गड्ढे को पॉलीथीन से अस्तर किया जाना चाहिए और लगभग 1.5 फीट पानी से भरा जाना चाहिए।