
डॉ. कुमारी शुभा ने 'स्वर्ण वशिष्ठ' नामक सेम की एक नई किस्म विकसित की है। यह किस्म टमाटर के पौधे के समान एक झाड़ीदार पौधा है और इसे सहारे की आवश्यकता नहीं होती है।
स्वर्ण विशिष्ट सेम की खेती से किसानों को अधिक उपज, बढ़ी हुई प्रोटीन और आयरन सामग्री और कम परिपक्वता अवधि प्रदान करके लाभ होगा।
स्वर्ण विशिष्ट सेम प्रोटीन और आयरन से भरपूर होते हैं। इनमें प्रति 100 ग्राम में लगभग 23.74% प्रोटीन और 460 मिलीग्राम फास्फोरस भी होता है।