बकरी नहीं... यह है कमाई का खजाना!
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News1806-02-2026, 12:07

बीटल बकरी: 'ATM' नस्ल - एक साल में 40 किलो वजन, ₹15,000 में घर से ले जाते हैं व्यापारी

  • ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन कम निवेश और अच्छे मुनाफे के कारण लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें सरकारी सहायता भी उपलब्ध है.
  • जहानाबाद, बिहार के किसान भरत पासवान ने चार साल में अपने बकरी फार्म को 6 से 50 बकरियों तक बढ़ाया, जिसमें ब्लैक बंगाल, जमुनापारी और बीटल जैसी उन्नत नस्लें शामिल हैं.
  • बीटल नस्ल दोहरे उद्देश्य (मांस और दूध) के लिए जानी जाती है, जो एक साल में 40 किलोग्राम तक वजन प्राप्त कर सकती है और प्रतिदिन 3 किलोग्राम तक दूध देती है.
  • बीटल बकरियों की प्रजनन क्षमता अधिक होती है, जिससे प्रति वर्ष 4 बच्चे तक पैदा होते हैं, और इन्हें तोते जैसे मुंह और लंबे, नीचे लटके कानों से आसानी से पहचाना जा सकता है.
  • प्रति बकरी लगभग ₹300 के कम मासिक खर्च के साथ, मिल्की पार गांव के भरत पासवान जैसे किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और अपनी आजीविका में सुधार कर रहे हैं.

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