रासायनिक कीटनाशकों से बढ़ती बीमारियां, जैविक कीटनाशी ही बन रहे सुरक्षित विकल्प 
कृषि
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News1804-01-2026, 12:08

बिलासपुर में किसानों का 'ग्रीन हथियार': जैविक कीटनाशक से सुरक्षित खेती की शुरुआत.

  • रासायनिक कीटनाशक मानव स्वास्थ्य (तंत्रिका संबंधी रोग, त्वचा रोग, जन्म दोष) और मिट्टी/फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं.
  • इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर, जैविक कीटनाशक और फफूंदनाशक बना रहा है.
  • ये जैविक समाधान स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस, ट्राइकोडर्मा, ब्यूवेरिया बेसिआना और वर्टिसिलियम जैसे लाभकारी सूक्ष्मजीवों का उपयोग करते हैं.
  • धान, सब्जियों और दलहनी फसलों में भूरा फुदका और रस चूसक कीटों सहित सामान्य कीटों के खिलाफ प्रभावी हैं.
  • कम लागत पर उपलब्ध, अवशेष-मुक्त, किसानों के स्वास्थ्य, उपभोक्ता सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बिलासपुर कॉलेज ने जैविक कीटनाशक विकसित किए, जो किसानों को सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल खेती का विकल्प देते हैं.

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