
आम की फसलों को मैंगो मिलीबग और 'जोनी रोग', 'लसा', चूर्णी फफूंद और एन्थ्रेक्नोज जैसे अन्य कीटों और बीमारियों से खतरा है।
किसान विशिष्ट घोलों का छिड़काव करके और नमी बनाए रखकर आम के पेड़ों को बचा सकते हैं। बेमौसम बारिश और तेज़ हवाएँ काफी नुकसान पहुँचा सकती हैं, जिससे फल झड़ सकते हैं।
आम की उपज बढ़ाने के तरीकों में उचित सिंचाई, पोषक तत्वों की आपूर्ति और कीट नियंत्रण शामिल हैं। पोटेशियम या जिंक सल्फेट का प्रयोग फल के आकार में सुधार कर सकता है।