छतरपुर में पाले का कहर: फसलों को बचाने के लिए एक्सपर्ट ने दिए अहम सुझाव

कृषि
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News18•19-01-2026, 20:08
छतरपुर में पाले का कहर: फसलों को बचाने के लिए एक्सपर्ट ने दिए अहम सुझाव
- •छतरपुर जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरने से फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है.
- •कृषि वैज्ञानिक डॉ. कमलेश के अनुसार, 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर पाला पड़ने की संभावना बढ़ जाती है, खासकर रात में.
- •लौकी, करेला, कद्दू, टमाटर, मिर्च, आलू, मेथी, पालक और धनिया जैसी सब्जियां पाले से सबसे अधिक प्रभावित होती हैं.
- •पाला पड़ने से पौधों में जाइलम और फ्लोएम का कार्य रुक जाता है, जिससे पानी और पोषक तत्वों का परिवहन बाधित होता है और पौधे सूख जाते हैं.
- •किसानों को रात में खेत की मेड़ों पर धुआं करने और खेतों में नमी बनाए रखने के लिए नियमित सिंचाई करने की सलाह दी गई है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: छतरपुर के किसानों को पाले से फसलों को बचाने के लिए धुआं और सिंचाई जैसे उपाय अपनाने चाहिए.
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