सेना में नहीं मिली नौकरी, गोंडा के किसान ने विदेशी अमरूद की खेती से बदली किस्मत

कृषि
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News18•24-01-2026, 13:58
सेना में नहीं मिली नौकरी, गोंडा के किसान ने विदेशी अमरूद की खेती से बदली किस्मत
- •गोंडा के दिलीप कुमार वर्मा को सेना में नौकरी नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने खेती को अपना करियर बनाया.
- •पड़ोसी किसान से प्रेरित होकर, उन्होंने कृषि विभाग से सलाह लेकर विदेशी पिंक ताइवान अमरूद की खेती शुरू की.
- •1-1.5 बीघा में शुरुआती लागत 40,000-50,000 रुपये आई, और पौधों ने एक साल बाद फल देना शुरू कर दिया.
- •विदेशी अमरूद बड़े, मीठे और आकर्षक होते हैं, जिनकी बाजार में सामान्य अमरूद से अधिक कीमत मिलती है.
- •वर्मा को पहली बिक्री से ही लागत वसूल होने की उम्मीद है और वे लाखों रुपये की वार्षिक आय की संभावना देख रहे हैं, साथ ही खेती का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सेना में असफल होने के बाद, गोंडा के एक किसान ने विदेशी अमरूद की खेती से अपनी किस्मत बदल दी और लाखों कमाए.
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